नागरिकता बिल पर असम में हो रही लगातार हिंसा
असमय नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को कर्फ्यू को नकारते हुए हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए कई जगहों पर पुलिस को गोली भी चलानी पड़ी। पुलिस की गोली से दो लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की खबर है। नागरिकता बिल के दोनों सदनों से पास हो जाने के बाद उत्तर पूर्वी राज्यों में इसका जमकर विरोध हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने नाहर – कटिया रेलवे स्टेशन पर सिलचर डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस को आग लगाने की कोशिश की। लेकिन रेल प्रशासन के अनुरोध पर सेना ने समय से पहुंचकर ट्रेन और उसके यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया।
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नागरिकता बिल पर असम में हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के लोगों को भरोसा दिलाया कि नागरिकता संशोधन विधेयक से उनके हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। पीएम ने कहा, ‘ अपने सेवक पर भरोसा रखें। आपकी पहचान और संस्कृति का मान सम्मान रखा जाएगा। सरकार पूरी तरह से असम समझौते की धारा 6 के अनुरूप ही असम के लोगों के संवैधानिक राजनीतिक, भाषाई, संस्कृति और भूमि अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’ प्रदर्शनकारियों ने डिब्रूगढ़ जिले में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के गृह क्षेत्र छाबुआ में विधायक हजारिका के घर पर आग लगा दी। वहां खड़ी गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा बेहेली में हैंडलूम मंत्री रंजीत दत्ता और चुटिया में भाजपा विधायक पद्म हजारिका के घरों को भी निशाना बनाया गया।

इसके साथ ही गोलाघाट डिब्रूगढ़ शादी और तेज पुर में आर एस एस कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सर्किल ऑफिस को भी फूंक दिया। गुवाहाटी, शिलांग रोड पर क्रिश्चियन बस्ती क्षेत्र के निकट असम में पुलिस प्रमुख भास्कर ज्योति महंत के काफिले पर पत्थरबाजी हुई।

